हिमाचल के 100 CBSE स्कूलों में 2100 से अधिक पदों पर होगी भर्ती, सरकार ने जारी की गाइडलाइंस
Over 2,100 posts will be filled in 100 CBSE
Over 2,100 posts will be filled in 100 CBSE : राज्य में सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश सरकार ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबद्ध उत्कृष्टता विद्यालयों के लिए नई गाइडलाइंस जारी करते हुए 100 स्कूलों में शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के 2100 से अधिक पदों को भरने का निर्णय लिया है। यह योजना तत्काल प्रभाव से सीबीएसई संबद्धता के लिए अनुमोदित 130 सरकारी विद्यालयों में लागू कर दी गई है।
इन स्कूलों में 560 नियमित शिक्षक, 130 स्पेशल एजुकेटर, चौकीदार और स्वीपर के 130 पद तथा 390 मल्टीटास्क वर्कर नियुक्त किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त योगा टीचर, काउंसलर-कम-वेलनेस, अंग्रेजी और गणित के प्रोफेशनल शिक्षक आउटसोर्स आधार पर लगाए जाएंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के कारण मूल कैडर में उत्पन्न रिक्तियों को प्रशिक्षु के रूप में सीधी भर्ती के माध्यम से भरा जाएगा।
सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के माध्यम से 400 अंग्रेजी और 400 गणित शिक्षकों की अस्थायी नियुक्ति की जाएगी। इन शिक्षकों को पांच वर्षों के लिए 30 हजार रुपये मासिक निश्चित मानदेय पर रखा जाएगा, जो प्रति वर्ष 10 महीनों के लिए देय होगा। शिक्षा विभाग द्वारा इन शिक्षकों के लिए अंग्रेजी और गणित में छात्रों की दक्षता बढ़ाने हेतु एक विशेष पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा, जो मौजूदा पाठ्यक्रम के अतिरिक्त होगा। छात्रों की संख्या के आधार पर इन शिक्षकों की तैनाती 130 स्कूलों में की जा सकेगी और आवश्यकता पड़ने पर अन्य सरकारी विद्यालयों में भी सेवाएं ली जा सकेंगी।
इन स्कूलों में 390 अंशकालिक बहु-कार्यकारी कर्मचारियों की भी नियुक्ति की जाएगी, जिसमें प्रत्येक स्कूल में तीन कर्मचारियों की तैनाती प्रस्तावित है। गैर-शिक्षण स्टाफ जैसे क्लर्क, जेओए (आईटी), वरिष्ठ सहायक और अधीक्षक पदों की आवश्यकता विभाग के भीतर पदों के युक्तिकरण और स्थानांतरण के माध्यम से पूरी की जाएगी।
प्रवेश प्रक्रिया को लेकर सरकार ने स्पष्ट किया है कि 100 सीबीएसई स्कूलों में सभी कक्षाओं में प्रवेश सामान्य तौर पर पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर उपलब्ध सीटों तक सीमित रहेगा। हालांकि बालवाटिका से लेकर कक्षा 12 तक विभिन्न स्तरों पर विद्यालय आवश्यकता अनुसार संवाद, अवलोकन, ज्ञान परीक्षण या प्रवेश परीक्षा आयोजित कर सकते हैं। शिक्षा का माध्यम सीबीएसई मानकों के अनुसार होगा, लेकिन इसे चरणबद्ध तरीके से अंग्रेजी माध्यम में बदला जाएगा और शैक्षणिक सत्र 2031-32 तक इन सभी स्कूलों में शिक्षा पूरी तरह अंग्रेजी माध्यम में दी जाएगी।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि उप-कैडर में प्रधानाचार्य, उपप्रधानाचार्य, प्रवक्ता, डीपीई, टीजीटी, सी एंड वी, पीईटी और जेबीटी शिक्षक शामिल होंगे, जबकि अंग्रेजी और गणित के विशेष रूप से नियुक्त शिक्षक इस उप-कैडर का हिस्सा नहीं होंगे। चयन प्रक्रिया लिखित परीक्षा और उसके बाद काउंसलिंग के आधार पर की जाएगी तथा आवेदन करने वाले शिक्षकों को सीबीएसई स्कूलों के लिए अपनी प्राथमिकता के अनुसार विकल्प चुनने होंगे।
इस योजना के जरिए सरकार का लक्ष्य सीबीएसई स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना, छात्रों की भाषा और गणितीय दक्षता बढ़ाना तथा विद्यालयों को राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक मानकों के अनुरूप विकसित करना है।